Thursday, March 23, 2023

अविरल


   हर वक्त अगर रास्ते बदलोगे

हर वक्त अगर यह सोचते रहोगे

  कि सभी रास्ते

    जाकर मिलते हैं

      गलत मुकाम पर

 

   फिर तो समझ नहीं पाए

कि सभी रास्ते जाकर मिलते हैं

       और एक रास्ते पर

 

आखिर में जिस रास्ते की

  कोई मंजिल नहीं होती

    बस रहता है एक खुला मैदान

      और एक टुकड़ा चाँद

        सीने में लेते हुए

          खुला आसमान



[Pic:- Aniket Ghosh]

[Translated By: Subhajit Mondal] 


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