थोड़ी दूर जाने के बाद रास्ते का अंत आ जायेगा, मालूम है
फिर भी चल रहा हूँ
तुम्हारा हाथ थोड़ी देर बाद छूट जाएगा , मालूम है
फिर भी उंगलियों पर उंगलियों को रख रहा हूँ
तुमसे जुड़ा नहीं हूँ मैं खुदसे जुड़ा हूँ, मालूम है
फ़िर भी किसी के साथ जुड़ना चाहता हूँ
मेरी जिंदिगी "फ़िरभी"
पर अटकी हुई है
फ़िर भी रास्ते में
"लेकिन" को दूर रखा हूँ।
[Transtlated By: Suvajit Mondal]
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