फ़िर भी तो मेरे इस छोटे से आसमान मे बादल छाए
फ़िर भी तो बारिश हुइ
मेरे इस छोटे से अँगना मे
फ़िर भी तो भीगा, खिल उठा
ओ सब पेड़ जो मैंने आपने हातो से लगाए थे
जिनका नाम भी मुझे मालूम नहीं था
फ़िरभी तो
मेरे हजारों
खामिया रहने के बावजूद
मुझको छुआ
मुझसे
मोहब्बत की
[Translated By: Suvajit Mondal]
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